ख़ैरुल बशर पर लाखों सलाम लाखों दुरूद और लाखों सलाम रोज़े अज़ल जो चमका था नूरमह़शर में होगा उसका ज़हूर अव्वल से आख़िर उन्हीं का नाम ख़ैरुल बशर पर लाखों सलाम जिन्नों मलाइक तेरे ग़ुलाम सब से सिवा है तेरा मक़ामयासीन-ओ-ताहा तेरे ही नाम ख़ैरुल बशर पर लाखों सलाम जूदो सख़ा का परचम तू ही ज़ख़्में जहां का मरहम तू हीमुश्किल कुशाई तेरा ही काम ख़ैरुल बशर पर लाखों सलाम अर्शे बरीं तक चर्चा तेरा शम्सों क़मर है सदक़ा तेरा ऐ माहे कामिल हुसने तमाम ख़ैरुल बशर पर लाखों सलाम ऐ जाने जाना जाने जहाँ शादां के तुम हो शाहे जहा sundar naat naat islamic naat www.instagram.com/asifanwar789/ www.facebook.com/profile.php?id=100012616866125